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गले गले तक कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश....
अब तक 17हजार करोड़ रुपये बाजार से ले चुकी कमलनाथ 

सरकार ने फिर लिया 1 हजार करोड़ का ऋण

(डॉ. नवीन जोशी)

 भोपाल।मध्यप्रदेश लगातार कर्जे के दलदल में धँसता जा रहा हैं, दिसम्बर 2018 से सरकार में काबिज कांग्रेस सरकार ने लगभग हर महीने बाजार से ऋण लिया हैं, बावजूद इसके प्रदेश की माली हालत ख़स्ता है ,और धनाभाव के चलते  कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदेश की कमलनाथ सरकार दो माह का गेप करने के बाद आज मंगलवार को फिर बाजार से एक हजार करोड़ रुपयों का ऋण उठाया है। इसके लिये गवर्मेन्ट सिक्युरिटीज का रिजर्व बैंक के माध्यम से आक्शन होगा तथा इस पर सालाना 7.13 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जायेगा। ब्याज का भुगतान साल में दो बार 10 जनवरी एवं 10 जुलाई को किया जायेगा। दस साल बाद इन सिक्युरिटीज का पूर्ण भुगतान किया जायेगा।
कर्ज माफी के बाद भी राजस्व आधिक्य :
उक्त एक हजार करोड़ रुपयों का ऋण लेने के लिये राज्य सरकार ने वित्तीय स्थिति भी प्रदर्शित की है। 31 मार्च 2019 को समाप्त हुये वित्तीय वर्ष में कमलनाथ सरकार ने राजस्व प्राप्तियों को राजस्व व्यय के मुकाबले ज्यादा बताया है तथा यह राजस्व आधिक्य 137 करोड़ 29 लाख रुपये बताया गया है। जाहिर है कि पहले चरण में 21 लाख किसानों की कर्ज माफी के बाद भी राज्य की वित्तीय स्थिति अच्छी रही है। वैसे पिछली शिवराज सरकार के समय वित्त वर्ष 2017-18 में 31 मार्च 2018 को राजस्व आधिक्य 4 हजार 629 करोड़ 30 लाख रुपये बताया गया था जिसके मुकाबले वित्त वर्ष 2018-19 में राजस्व आधिक्य बहुत कम है।
कर्ज का आंकड़ा बढ़ा :
एक हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने से राज्य सरकार पर बकाया कर्ज का आंकड़ा भी बढ़ गया है। 31 मार्च 2019 तक राज्य पर बकाया कर्ज 1 लाख 82 हजार 920 करोड़ 12 लाख रुपये प्रदर्शित किया गया है।
अब तक इतना कर्ज लिया जा चुका है :
कमलनाथ सरकार अपने गठन के बाद से निरन्तर बाजार से कर्ज ले रही है। उसने 11 जनवरी 2019 को एक हजार, 1 फरवरी 2019 को पुन: एक हजार, 8 फरवरी 2019 को फिर एक हजार, 22 फरवरी 2019 को दो हजार, 28 फरवरी 2019 को एक हजार, 8 मार्च 2019 को एक हजार तथा 25 मार्च 2019 को 1200 करोड़ रुपये का बाजार से कर्ज लेने की सूचना जारी की थी। इस प्रकार 31 मार्च 2019 तक कमलनाथ सरकार ने कुल 8200 करोड़ रुपयों का कर्ज लिया। इसके बाद 1 अप्रैल 2019 से प्रारंभ वर्तमान वित्त वर्ष में उसने 8 अप्रैल 2019 को एक हजार, 30 अप्रैल 2019 को 500, 3 मई 2019 को एक हजार, 30 मई 2019 को एक हजार, 7 जून 2019 को एक हजार, 5 जुलाई 2019 को दो हजार, 2 अगस्त 2019 को एक हजार तथा 29 अगस्त 2019 को दो हजार करोड़ रुपये कर्ज लेने की सूचना जारी की और इस प्रकार वर्तमान वित्त वर्ष में अगस्त 2019 तक कुल 9500 करोड़ रुपयों का कर्ज लिया। इस प्रकार, अब तक कमलनाथ सरकार कुल 17 हजार 700 करोड़ रुपयों का कर्ज ले चुकी है। दो माह के गेप से अभी का नया एक हजार करोड़ रुपयों का कर्ज मिलाकर यह कुल राशि 18 हजार 700 करोड़ रुपये हो गई है।

पीएससी से चयनित 27 अधिकारी डिप्टी कलेक्टर बने
भोपाल।राज्य शासन ने पीएससी से चयनित राज्य प्रशासनिक सेवा के 27 अधिकारियों को विभिन्न जिलों में परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर पदस्थ किया गया है।
इनमें हर्षल चौधरी को टीकमगढ़, सुश्री रचना शर्मा को पन्ना, सुश्री राजनंदिनी शर्मा को हरदा, रवीन्द्र परमार को बालाघाट, सुश्री किरण सिंह अंजाना को अलीराजपुर, सुश्री शिवाली सिंह को मण्डला, सुश्री भव्या त्रिपाठी को दमोह, सुश्री कृतिका भीमावद को शिवपुरी, लक्ष्मीनारायण गर्ग को झाबुआ, राहुल सिलाडिया को छतरपुर, अभिषेक सिंह को सीधी, तरुण जैन को निवाड़ी, श्रेयस गोखले को सीधी, सुश्री मेघा तिवारी को निवाड़ी, तन्मय वर्मा को विदिशा, सुश्री शिवांगी जोशी को दतिया, सुश्री आरती सिंह को खण्डवा, विजय कुमार डेहरिया को अनूपपुर, सुश्री आकांक्षा करोठिया को नीमच, सुश्री संघमित्रा गौतम को कटनी, राहुल नायक को रीवा, अनुराग निंगवाल को दतिया, सुश्री निकिता मंडलोई को बालाघाट, विजय सिंह यादव को श्योपुर, अभिजीत सिंग को टीकमगढ़, सुश्री ज्योति परस्ते को झाबुआ तथा महेश मण्डलोई को डिण्डौरी पदस्थ किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं।
डॉ. नवीन जोशी
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