ब्रेकिंग न्यूज़ जेटली मानहानि केस में केजरीवाल समेत 6 AAP नेताओं पर आरोप तय, चलेगा ट्रायल                जूनियर को फॉरेन सेक्रेटरी बनाए जाने से बासित नाराज, PAK ढूंढ रहा रिप्लेसमेंट                यूपी: सीतापुर में आग से जले 9 घर, 2 लाख का सामान जलकर हुआ खाक                    
युवा एवं कृषक उद्यमी योजना में आयकर दाता न होने की शर्त हटाई


अब दोनों योजनाओं में अधिक से अधिक लोग लाभ ले सकेंगे

डॉ. नवीन जोशी


भोपाल।प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिये सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना तथा मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना में आयकर दाता न होने की शर्त हटा दी है। इससे अब इन दोनों योजनाओं में अधिक से अधिक युवा एवं कृषक शासन की अनुदान योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछली शिवराज सरकार ने 16 नवम्बर 2017 को उक्त दोनों योजनाओं के बारे में परिपत्र जारी किये थे। युवा एवं कृषक उद्यमी योजना के तहत केवल नवीन उद्योगों की स्थापना हेतु अनुदान का प्रावधान किया गया। ये नवीन उद्योग 10 लाख रुपये से लेकर 2 करोड़ रुपये लागत तक हो सकेंगे। इसमें सामान्य वर्ग को लागत का पन्द्रह प्रतिशत या अधिकतम 12 लाख रुपये और बीपीएल वर्ग को लागत का 20 प्रतिशत या अधिकतम 18 लाख रुपये मार्जिन मनी देने का प्रावधान किया गया। साथ ही लागत पर 7 वर्ष तक 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज अनुदान जिसमें महिला उद्यमियों को 6 प्रतिशत है, अधिकतम 5 लाख रुपये प्रति वर्ष, का प्रावधान किया गया। इन दोनों ही योजनाओं के लिये प्रावधान रखा गया था कि आवेदक को आयकर दाता नहीं होना चाहिये।आयकर दाता न होने के उक्त प्रावधान से इन दोनों योजनाओं में कई युवा एवं कृषक अपात्र हो रहे थे। इसके अलावा इसका लाभ उठाने के लिये कम संख्या में लोग आ रहे थे। इसीलिये अब कमलनाथ सरकार ने इन दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिये आयकर दाता न होने की शर्त हटा दी है। इससे आयकर दाता युवचा एवं कृषक भी इन दोनों योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और योजना के हितग्राहियों की संख्या भी बढ़ जायेगी।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि युवा एवं कृषक उद्यमी योजना से आयकर दाता न होने की शर्त हटा दी गई है। इससे लोगों की पात्रता बढ़ गई है। इन योजनाओं का एमपी आनलाईन में आवेदन कर अब लाभ उठाया जा सकेगा।

छिन्दवाड़ा का पातालकोट और सतना की नरो हिल्स
जैव विविधता विरासत स्थल घोषित
भोपाल।राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर छिन्दवाड़ा जिले के पातालकोट और सतना जिले की नरो हिल्स को जैव विविधता अधिनियम 2002 के तहत जैव विविधता विरासत स्थल घोषित कर दिया। इससे दोनों क्षेत्र संरक्षित एवं सुरक्षित हो गये हैं।
अधिसूचना में बताया गया है कि पातालकोट संरक्षित वन के 8 हजार 367.49 हैक्टेयर में फैला हुआ है। यहां 1700 फीट गहरी घाटी तथा 6 मिलियन वर्ष की अनुमानित आयु, पारिस्थितिकीय एवं दुर्लभ वनस्पति एवं प्राणियों, जिसमें ब्रायोफाईट्स एवं टेरिडोफाइट्स भी सम्मिलित हैं, वाला अनूठा भू-भाग रखता है। स्थानीय समुदाय विशेषकर भारिया जनजाति को जंगली पौधों एवं जड़ी-बूटियों का दुर्लभ पारंपरिक ज्ञान है जिसका उपयोग वे प्रभावी औषधियां बनाने में करते हैं। 
इसी प्रकार, अधिसूचना में नरो हिल्स के बारे में कहा गया है कि यह 200 हैक्टेयर में फैला हुआ है और वन विभाग के स्वामित्व में है।
अब इन स्थलों पर ये कार्य होंगे :
अधिसूचना में बताया गया है कि उक्त दोनों जैव विविधता विरासत स्थलों पर अब तीन बिन्दुओं पर कार्यवाही की जायेगी। एक, जैव विविधता विरासत स्थल की प्राकृतिक वनस्पतियों एवं प्राणियों के संरक्षण हेतु प्रबंधन योजना तैयार की जायेगी। दो, जैव विविधता संरक्षण हेतु वन विभाग के क्षेत्रीय अमले, वनवासियों तथा आदिवासियों की क्षमता वृध्दि कार्यक्रम किये जायेंगे। तीन, अंरस्थलीय एवं बाह्य स्थलीय संरक्षण से प्रजातियों का संवर्धन किया जायेगा।

Advertisment
 
Copyright © 2017-18 AAJ SAMACHAR - बुलंद आवाज़ दबंग अंदाज़.