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अरेरा क्लब के होते आईएएस एसोसिएशन को दो और बंगले क्यों...?



डॉ. नवीन जोशी
भोपाल।मध्यप्रदेश में सरकारी जमीन की बंदरबाँट और सरकारी आवासों के दुरूपयोग मे राजनैतिक पार्टियों,हुक्मरान,लीडरान,अफसरान,धर्म,समाज और जातियों के ठेकेदार और मीडिया सबके हाथ रंगे हैं.ताजा खबर है की आईएएस यूनियन,जिसे इस श्रेष्ठिवर्ग की जुबान में एसोसिएशन कहा जाता है,ने पांच साल से किराया नहीं दिया है.इस ताकतवर संस्था ने सितारा सरकारी बस्ती में दो बड़े सरकारी बंगले कबाड़ रखे हैं.पाश इलाके में इनका अरेरा क्लब है जिसके अध्यक्ष चीफ सेक्रेटरी होते हैं.
इस क्लब के विशाल क्षेत्रफल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की यहाँ चार टेनिस कोर्ट,दो इनडोर बैडमिंटन कोर्ट,टेबल टेनिस कोर्ट गोल्फ कोर्ट,स्नूकर कोर्ट,स्क्वाश कोर्ट, जिम,स्वीमिंग पूल,दो कार्डरूम,बिलियर्ड हाल,खासा बड़ा मयखाना,रेस्तरां,लाउंज,गेस्ट हाउस,खासी लम्बी चौड़ी पार्किंग और आवासीय परिसर है.क्लब की प्रोफाइल बताती है की इसकी स्थापना सिर्फ सरकारी सेवकों के लिए की गई थी.यह बात और है की बाद में प्राइवेट सेक्टर के लिए दरवाजे खोल दिए गए और अब यह अफसरों,व्यापारियों और उद्योगपतियों का क्लब बन कर रह गया है.?
सवाल उठता है की जब क्लब ने इतनी सरकारी जमीन कबाड़ रखी है तो यहाँ आईएएस अफसरों का गेस्ट हाउस क्यों नहीं बना.?आईऍफ़एस अफसरों का भी चार इमली में गेस्ट हाउस है,पुलिस अफसरों की अपनी मेस है और डिप्टी कलेक्टरों ने भी अपना भवन बना रखा है.इसलिए अरेरा क्लब की सिर्फ शासकीय सेवकों की संस्था वाली भावना तो अब रही नहीं,तो बेहतर होगा की आईएएस अफसरों की एसोसिएशन का ऑफिस और गेस्ट हाउस यहीं शिफ्ट हो जाए.

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