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मध्यप्रदेश में रेत खदान पर भारी घोटाला....



अपनों के लिए मैनेज  हुए ई-टेंडर, हजारों करोड़ की राजस्व हानि

कमलनाथ को दिया खनिज माफियाओं का काला चिट्ठा

डॉ. नवीन जोशी

भोपाल।मध्यप्रदेश में रेत खदानों के लिये निकाले गए ई-टेण्डरों में भारी अनियमिततायें एवं भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके कारण सरकार को हजारों करोड़ों रूपये के राजस्व की हानि हुई है, जिला बालाघाट, सिंगरौली, सीधी, टीकमगढ़ में करोड़ो का राजस्व हानि हुई हैं । सामाजिक कार्यकर्ता भुवनेश्वर मिश्रा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौपा रेत माफियाओ का काला चिट्ठा।
     सूूत्र बतातेे हैैं कि सरकार के खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल द्वारा अपने चहेते राजेश पाठक को बालाघाट जिले की रेत खदान का आवंटन कराने के लिये सम्पूर्ण ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया को प्रभावित कर तथा हस्तक्षेप कर कम दरों में टेण्डर दिलाया गया है । जबकि बालाघाट के पड़ोसी जिले सिवनी एवं छिन्दवाड़ा में दरें काफी उच्च आई हैं । बालाघाट से लगा हुआ महाराष्ट्र का काफी बड़ा क्षेत्र आता है, जिसमें रेत की दरें चार गुनी हैं ।  बालाघाट के रेत ठेकेदार  राजेश पाठक द्वारा मध्यप्रदेश से रेत महाराष्ट्र में बेचकर करोड़ों का काला धन अर्जित किया जाएगा ।  बालाघाट का उक्त ठेकेदार प्रदेश के खनिज मंत्री से सम्बद्ध है और ये दोनों मिलकर कई अन्य व्यवसाय में भी साझेदारी रखते हैं । लगभग यही स्थिति प्रदेश के अन्य जिले सिंगरौली, सीधी, टीकमगढ़ में भी  है क्योंकि इन जिलों की सीमायें भी अन्य प्रदेशों से जुड़ी हुई हैं । पूरी टेण्डर प्रक्रिया संदेहास्पद है ।
        सीएम को  भेजे पत्र मेंं टेंडर प्रक्रिया
में  रेत खदानों हेतु अपसेट मूल्य 125/- रूपये घनमीटर रखा गया है, जबकि पड़ौसी राज्य के भंडारा जिले में यह अपसेट मूल्य 2000/- रूपये प्रति ब्रास है अर्थात 700/- रूपये प्रति घनमीटर है एवं महाराष्ट्र के सातारा जिले में अपसेट मूल्य 5869/- रूपये प्रति ब्रास है अर्थात 2000/- रूपये प्रति घनमीटर है। रिंग बनाकर टेन्डर भरा गया है, जिससे बालाघाट जिले में मात्र 233/- रूपये प्रति घनमीटर का अधिकतम मूल्य टेन्डर में आया है । (अपसेट राशि प्रति घनमीटर 125/- रूपये का 186.63 प्रतिशत 233/- रूपये होता है।) जबकि भोपाल जिले का 1125/- रूपये घनमीटर का टेन्डर में अधिकतम रेट आया है । बालाघाट जिले में रेट कम आने का कारण है कि शासन द्वारा एकमुश्त 15 लाख घनमीटर के लिये टेन्डर निकाला गया था, जिसका अपसेट मूल्य 18 करोड़ 75 लाख रूपये रखा गया था, जो कि अधिकतम बोलीकर्ता के पहुँच से बाहर था, इस वजह से इसका टेन्डर में   अधिकतम मूल्य 34 करोड़ 99 लाख रूपये आया है जो कि अपसेट के दुगुने से भी कम है । इसी तरह भोपाल जिले में 4000 घनमीटर के लिये टेन्डर बुलाया गया था, जिसका अपसेट मूल्य 5 लाख रूपये रखा गया था । यह मात्रा कम होने की वजह से इनका अधिकतम मूल्य टेन्डर में 45 लाख रूपये आया है, जोकि अपसेट का 9 गुना है । (अपसेट राशि प्रति घनमीटर 125/- रूपये का 900 प्रतिशत 1125/- रूपया होता है) इस तुलना से यह साबित होता है कि यदि शासन ने छोटे छोटे क्लस्टर बनाकर टेन्डर किये होते तो सरकार को टेन्डर की दरें अधिक आतीं अर्थात 9 गुना जैसे कि भोपाल में आयी हैं ।
 पूरे मध्यप्रदेश में 3 करोड़ 58 लाख 65 हजार घनमीटर के लिये 448 करोड़ 35 लाख रूपये का अपसेट दर रखी गयी थी जिसका अधिकतम मूल्य रूपये 12 सौ 34 करोड़ रूपये आया है, जो कि अपसेट दर का 275 प्रतिशत है । (संपूर्ण मध्यप्रदेश के 36 जिलों का 344.20/- रूपये प्रति घनमीटर दर टेन्डर में आफर किया गया है) । इससे भी यह साबित होता है कि अधिकतम जिलों में रिंग बनाकर ही टेन्डर भरे गये हैं । यदि शासन द्वारा छोटे क्लस्टर में टेन्डर किये गये होते तो हो सकता था कि भोपाल के जैसे अपसेट दर का 9 गुना मूल्य टेन्डर में आता। जो कि 4038 करोड़ रूपये हो सकता था । इस तुलना से शासन अगर आये हुये टेन्डर पास करता है तो 2804 करोड़ रूपयों का नुकसान होने की संभावना है ।
 ई-खनिज पोर्टल पर  30 जुलाई 2019 को सार्वजनिक सूचना प्रसारित की गयी थी,जिसमें 3.44 रकबा अंबारी ग्राम पंचायत, तहसील कट्ठीवाड़ा, नदी का नामनाला, 49500 घनमीटर अनुमानित टेन्डर भरने हेतु घोषित किया गया है । जबकि बड़ीखटाली ग्राम पंचायत, तहसील जोबट, हतरी नदी का रकबा 5.5 है, जिसका 17072 घनमीटर अनुमानित टेन्डर भरने हेतु घोषित किया गया है । डावरी ग्राम पंचायत, तहसील सोनवा, नदी का नाम नाला रकबा 7 का 15147 घनमीटर अनुमानित टेन्डर भरने हेतु घोषित किया गया है । इससे भी यह स्पष्ट होता है कि अनुमान लगाने में भी गलतियाँ हुई हैं । जिस खदान का अनुमान कम लगाया गया है, उससे शासन को नुकसान होगा क्योंकि जिस ठेकेदार को उक्त खदान आवंटित होगी, वह खनन तो पूरी ही मात्रा में करेगा और सरकार को अनुमान के हिसाब से रायल्टी की राशि का टेण्डर भरेगा ।  सारे खदानों की एक्सपर्ट कमेटी से आंकलन करवाकर रकबा अनुसार अनुमानित टेन्डर भरने हेतु घोषित किया जाना था ताकि सरकार को प्रत्यक्ष नुकसान न होता और अवैध खनन भी न हो पाता । जिससे सरकार को हजारों करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकेगा ।
जानकारों के अनुसार बालाघाट में खुद की खपत के अलावा अधिकतम रेत नागपुर बिकती है, जिसका रेट 25000/- रूपये प्रति टिप्पर है । एक टिप्पर में 10 घनमीटर रेत आती है । 25000/- रूपये में से 10000/- रूपये हम अगर बालाघाट-नागपुर हेतु ट्रान्सपोर्ट का घटा भी लें तो प्रति टिप्पर 15000/- रूपये का बिक्री मूल्य ठेकेदार को मिलता है । अर्थात 1500/- रूपये घनमीटर । जबकि टेन्डर दर 233/- रूपये प्रति घनमीटर आया है । वैसे ही होशंगाबाद जिले की लोकल की खपत के अलावा बाकी रेत भोपाल जाती है । भोपाल में प्रति टिप्पर 35000/- रूपये का रेट है । उसमें से होशंगाबाद-भोपाल परिवहन 10,000/- रूपये कम कर लिया जाये तो 25000/- रूपये प्रति टिप्पर ठेकेदार को बिक्रीमूल्य मिल रहा है अर्थात 2500/- रूपये घनमीटर । जबकि वहाँ का टेन्डर रेट रूपये 271.25 पैसा प्रति घनमीटर आया है । इस  से यह साबित होता है कि जिलावार बड़े क्लस्टर बनाकर शासन से  गलती हुई है, क्योंकि छोटे क्लस्टर बनाये गये होते तो जिला भोपाल, जिला धार, जिला रीवा, जिला ग्वालियर, जिला दतिया, जिला शिवपुरी, जिला खरगौन, जिला अशोकनगर आदि जिलों में जो वर्तमान अपसेट दर है, उससे 4 से 9 गुना अधिक होती, जिससे शासन को अधिक राजस्व की प्राप्ति होती ।
मण्डला जिला आदिवासी जिला है । यदि मण्डला जिले में छोटे क्लस्टर बनाकर या एक-एक खदानों का टेन्डर निकाला गया होता तो आदिवासी नागरिकों की पहुँच में यह टेन्डर लेने की उनकी क्षमता होती है । मंडला जिले से अधिकतम रेत जो जबलपुर जाती है, जबलपुर में 30,000/- रूपये प्रति टिपपर का रेट है, जिसमें से हम अगर मण्डला-जबलपुर हेतु ट्रान्सपोर्ट का 10,000/- रूपये घटा भी लें तो प्रति टिपपर 20,000/- रूपये का बिक्री मूल्य ठेकेदार को मिलता है । अर्थात प्रति घनमीटर 2000/- रूपये जबकि टेन्डर दर 454.60 रूपये प्रति घनमीटर आया है । (अपसेट राशि प्रति घनमीटर 125/- रूपये 363.68 प्रतिशत 454.60 रूपये होता है।) अर्थात इन आंकड़ों से यह साबित होता है कि मंडला जिला भी रिंग बनाकर काफी कम रेट का टेन्डर आॅफर किया गया है ।
        इस पत्र के साथ आपके अवलोकनार्थ मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के अपसेट राशि से सम्बंधित गणना चार्ट संलग्न कर रहे हैं । संलग्न गणना चार्ट का अवलोकन करें, जिसमें अनुक्रमांक 34, जिला टीकमगढ़ का आॅफर 117.94 प्रतिशत आया है, जो कि सम्पूर्ण मध्यप्रदेश का सबसे न्यूनतम है और अनुक्रमांक 1 जिला भोपाल, अनुक्रमांक 10 जिला मंदसौर, अनुक्रमांक 20 जिला अशोकनगर, अनुक्रमांक 29 जिला रीवा का आॅफर 900 प्रतिशत आया है । जो कि सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में अधिकतम है ।
 नयी अपसेट दर निर्धारित कर छोटे-छोटे क्लस्टर बनाकर तथा रकबा अनुसार सही आंकलन कर पुराने टेन्डर रद्द कर नये टेन्डर पुनः बुलाये जायें, ताकि सरकार को हजारों करोड़ रूपयों का अधिक राजस्व प्राप्त हो सके  ।
         मध्यप्रदेश की रेत खदानों के लिये निकाले गए ई-टेन्डरों में प्रमुख सचिव नीरज मण्डलोई, संचालक खनिज विनीत कुमार आस्टिन द्वारा नेताओं, मंत्रियों से सांठ-गांठ कर अपने चहेते रेत माफियाओं को लाभ पहुँचाने की नीयत से टेण्डर प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर भारी अनियमितता किये जाने एवं शासन को अरबों रूपये की राजस्व क्षति पहुँचाये जाने की खबरेंं मिल रही है।
डॉ. नवीन जोशी

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