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प्रदेश में बकाया विद्युत बिल के भरने के संबंध में विद्युत नियामक आयोग ने हटाये तीन प्रावधान

प्रदेश में बकाया विद्युत बिल के भरने के संबंध में विद्युत नियामक आयोग ने हटाये तीन प्रावधान

डॉ. नवीन जोशी

भोपाल।राज्य के ऊर्जा विभाग के अधीन गठित मप्र विद्युत नियामक आयोग ने सात साल पुराने अपनी विद्युत प्रदाय संहिता 2013 के तीन प्रावधानों को हटा दिया है।
ये थे पहले तीन प्रावधान :
एक, यदि राज्य शासन द्वारा किसी भी कारण से पट्टे यानि लीज डीड को निरस्त किया जा चुका है तथा इसे किसी नवीन पक्षकार या उपभोक्ता को आवंटित कर दिया गया हो, तो ऐसी दशा में नवीन पक्षकार या उपभोक्ता को तत्कालीन उपभोक्ता के विद्युत प्रदाय की बकाया राशि का भुगतान नहीं करना होगा।
दो, यदि सम्पत्ति की कुर्की अथवा उसका विक्रय आयकर विभाग या वाणिज्यिक कर विभाग अथवा ऐसे किसी अन्य शासकीय विभाग द्वारा बकाया राशि की वसूली बाबत किया गया हो तो ऐसी दशा में नवीन क्रेता को तत्कालीन उपभोक्ता के विद्युत प्रदाय की बकाया राशि का भुगतान नहीं करना होगा।
तीन, यदि सम्पत्ति की कुर्की अथवा उसकी बिक्री राज्य अधिनियम या केंद्रीय अधिनियम के अंतर्गत स्थापित की गई वित्तीय संस्थाओं द्वारा उनकी बकाया राशि की वसूली बाबत की गई है तो ऐसी दशा में क्रेता को तत्कालीन उपभोक्ता के विद्युत प्रदाय की बकाया राशि का भुगतान नहीं करना होगा।
अब हटा दिये ये तीनों प्रावधान :
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अब उक्त संहिता के ये तीनों प्रावधान हटा दिये हैं। इससे अब उक्त तीनों प्रावधानों में पिछला विद्युत बिल का भुगतान बिजली कंपनियों को आवश्यक रुप से करना ही होगा।
तीन अन्य प्रावधान यथावत रखे हैं :
आयोग ने संहिता के तीन अन्य प्रावधान यथावत रखे हैं। एक, यदि उपभोक्ता किसी पूर्ववर्ती अनुबंध जो उसके नाम में या फर्म या कंपनी जिसके साथ वह पूर्व में भागीदार, निदेशक या प्रबंध निदेशक अथवा परिसर अधिवास या स्वामी के रुप में संबध्द रहा हो, पर विद्युत प्रदाय की बकाया या परिसर संबंधी अन्य कोई बकाया राशि है, तो उसे नया विद्युत कनेक्शन तब तक नहीं दिया जायेगा जब तक कि वह पुराना बकाया नहीं चुका देता है। बिजली कंपनी को ऐसे बकाया का विवरण अनिवार्य रुप से देना होगा। दो, किसी कर्मचारी के स्थानांतरण पर शासकीय आवास या फ्लेट खाली किये जाने पर विद्युत बकाया छोड़े जाने पर नवीन आवंटिती से पूर्व उपभोक्ता का बकाया भुगतान नहीं कराया जायेगा। तीन, यदि परिसर पर विद्युमान बकाया की वसूली नहीं करने के लिये किसी न्यायालय द्वारा कोई विनिर्दिष्ट आदेश है, तो पुराना बकाया नहीं वसूला जायेगा।
आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अपनी छह साल पुरानी विद्युत प्रदाय संहिता में बदलाव कर दिया है तथा इसके तीन प्रावधानों को हटा दिया है।

राज्य वित्त सेवा के नौ अधिकारी रिटायर होंगे

भोपाल।राज्य के वित्त विभाग के अंतर्गत कार्यरत कार्यालय आयुक्त कोष एवं लेखा में पदस्थ राज्य वित्त सेवा के नौ अधिकारी इस साल रिटायर होंगे। उनके रिटायरमेंट के आदेश अग्रिम रुप से जारी कर दिये गये हैं जिससे रिटायरमेंट के बाद उनकी पेंशन,ग्रेच्युटी आदि पहले से तय हो सके।
ये अधिकारी होंगे रिटायर :
अपर संचालक वित्त संचालनालय उच्च शिक्षा भोपाल घनश्याम सिंह 31 मार्च 2020 को, वित्त नियंत्रक राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विवि ग्वालियर श्रीमती सुगंधी तिवारी 30 नवम्बर 2020 को, संयुक्त संचालक लोकायुक्त कार्यालय भोपाल उमेश तिडके 30 अप्रैल 2020 को, संयुक्त संचालक उद्योग संचालनालय भोपाल टीएस चिरोंजे 31 मई 2020 को, संयुक्त संचालक कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन भोपाल गुलाब दास बडोदिया 31 मई 2020 को, संयुक्त संचालक संभागीय पेंशन कार्यालय इंदौर जगन्नाथ लखनवी 30 जून 2020 को, संयुक्त संचालक एनसीसी संचालनालय भोपाल गुलाबराव सूर्यवंशी 31 जुलाई 2020 को, वित्त नियंत्रक रानी दुर्गावती विवि जबलपुर एके महोबिया 31 जुलाई 2020 को तथा संयुक्त संचालक संभागीय पेंशन कार्यालय सागर भरत कुमार 30 सितम्बर 2020 को रिटायर होंगे।
डॉ. नवीन जोशी

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