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प्रदेश में नगरीय निकायों की सीमावृध्दि अब 30 जनवरी तक हो सकेगी
प्रदेश में नगरीय निकायों की सीमावृध्दि 
अब 30 जनवरी तक हो सकेगी
डॉ. नवीन जोशी
भोपाल।प्रदेश के नगरीय निकायों की सीमावृध्दि अब 30 जनवरी 2020 तक हो सकेगी। पहले यह तिथि 30 दिसम्बर 2019 तक निर्धारित थी। इस संबंध में राज्य शासन ने  सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिये हैं।
निर्देशों में कहा गया है कि गत 14 अगस्त 2019 को राज्य सरकार ने नगरीय निकायों की सीमा वृध्दि, वार्डों की संख्या का अवधारण तथा वार्ड आरक्षण आदि के संबंध में समय सारिणी जारी की थी। इस समय सारिणी के अनुसार, वार्डों की संख्या एवं सीमाओं का निर्धारण 30 दिसम्बर 2019 तक करना उल्लेखित था। 
निर्देशों में बताया गया है कि नगरीय निकायों के वार्डों के परिसीमन आदि की कार्यवाही के लिये मप्र नगर पालिका वार्डों का विस्तार नियम 1994 प्रचलित हैं। इस नियम के अनुसार, प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या का अंतर औसत जनसंख्या से 15 प्रतिशत से कम या अधिक तक की सीमा में रखना प्रावधानित है। परन्तु अनेक निकायों के वार्डों के परिसीमन के संबंध में प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण में उक्त 15 प्रतिशत कम या अधिक की सीमा का पालन न होना प्रकाश में आया है। इस नियम का पालन न होने से प्राय: न्यायालयीन याचिकायें प्रचलित होती हैं तथा निर्वाचन प्रक्रिया बाधित होती है। इसलिये सभी निकाय उक्त नियमों के अनुसार ही परिसीमन की कार्यवाही पूर्ण करें। 
समय सीमा दो माह की :
निर्देशों में बताया गया है कि मप्र नगर निगम अधिनियम 1956 तथा मप्र नगर 
पालिका अधिनियम 1961 में अध्यादेश के जरिये संशोधन कर वार्डों के सुधार की प्रक्रिया की समय-सीमा छह माह से घटाकर दो माह कर दी गई है। इसलिये जिन निकायों में वार्डों के परिसीमन किया जाना प्रस्तावित हो, उन निकायों में वार्डों के परिसीमन की कार्यवाही उक्त नियमों के अनुसार कर लें और इसकी जानकारी अंतिम अधिसूचना के प्रकाशन हेतु यथाशीघ्र भेजें ताकि अधिसूचना का प्रकाशन शासन स्तर से किया जा सके। वार्डों का परिसीमन अंतिम होने के उपरान्त ही वार्डों के आरक्षण की कार्यवाही की जाये। इसलिये अब वार्डों के आरक्षण संबंधी कार्यवाही की समय-सीमा 30 जनवरी 2020 तक निर्धारित की जाती है। 
अभी अध्यादेश प्रभावी है :
प्रदेश में नगर निगमों के महापौरों और नगर पालिकाओं एवं नगर परिषदों के अध्यक्षों के चुनाव जनता द्वारा न करके पार्षदों के माध्यम से करने तथा वार्डों की सीमा में सुधार हेतु समय सीमा छह माह से घटाकर दो माह करने संबंधी मप्र नगर पालिका विधि संशोधन अध्यादेश 2019 प्रभावी है जोकि 9 अक्टूबर 2019 को राज्य के विधि विभाग द्वारा जारी किया गया था। चूंकि अध्यादेश छह माह तक ही प्रभावी रहता है इसलिये हाल के विधानसभा शीतकालीन सत्र में इस संबंध में विधेयक पारित किया गया है जो राज्यपाल को भेजा जायेगा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर कानून बनेगा। तब उक्त अध्यादेश के स्थान पर यह कानून प्रभावी हो जायेगा।
प्रेशराईज्ड माईक्रो सिंचाई के आपरेशन 
मेनुअल को तैयार करने बनी समिति
भोपाल।राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा दाबयुक्त (प्रेशराईज्ड माइक्रो इरीगेशन सिस्टम) सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में स्प्रिंकलर सिंचाई पध्दति के माध्यम से सिंचाई को मैदानी स्तर पर सफल क्रियान्वयन हेतु एक आपरेशन मेनुअल की आवश्यक्ता है। इसलिये जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता एसएस डाबर ने आदेश जारी कर उक्त आपरेशन मेनुअल तैयार किये जाने हेतु मुख्य अभियंता बोधी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति में मुख्य अभियंता वि/या भोपाल, मुख्य अभियंता राजघाट नहर परियोजना दतिया, मुख्य अभियंता नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर एवं परियोजना संचालक एमकेपीएमयू राजगढ़ को सदस्य बनाया गया है जबकि संचालक नहर को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। आदेश में समिति से कहा गया है कि वह आगामी 30 जनवरी तक इस मेनुअल का प्रारुप तैयार कर प्रस्तुत करे।
मंत्री का निज सहायक नियुक्त
भोपाल।राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 घनश्याम गोस्वामी को ग्रामोद्योग मंत्री हर्ष यादव का निज सहायक नियुक्त किया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गये हैं।
डॉ. नवीन जोशी
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