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अब निराश्रित निधि से पेंशन एवं आर्थिक सहायता भी मिलेगी
डॉ. नवीन जोशी
भोपाल।प्रदेश के निराश्रितों एवं निर्धन व्यक्तियों को अब निराश्रित निधि से पेंशन एवं आर्थिक सहायता भी दी जायेगी। इस संबंध में राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत संचालित मप्र निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों कीर सहायता नियम 2013 में संशोधन कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियां अपनी आय का एक हिस्सा उक्त निराश्रित निधि के लिये जिला कलेक्टर के यहां जमा करती हैं तथा जिला कलेक्टर इस निधि में से बीस प्रतिशसत राशि राज्य निराश्रित निधि में जमा करते हैं। जिला एवं राज्य निराश्रित निधि से निराश्रितों एवं निर्धन व्यक्तियों के खाने, देखभाल, उनके लिये आश्रय स्थल बनाने आदि में व्यय किया जाता है। अब इस निधि से उन्हें पेंशन एवं आर्थिक सहायता भी दी जा सकेगी।
ये भी किये नये प्रावधान :
एक, अब आश्रय स्थल और दिव्यांगजनों की सुविधाओं हेतु निर्माण हेतु जिला कलेक्टर द्वारा पूर्व में अनुमोदित नक्शे तथा विशेषताओं में कलेक्टर की अनुमति के बिना निर्माण एजेन्सी द्वारा कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
दो, कलेक्टर अब भवनों के निर्माण हेतु 5 लाख रुपये के स्थान पर 10 लाख रुपये राशि मंजूर कर सकेंगे।
तीन, सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त संचालक/उप संचालक निराश्रित निधि से एक बार में या एक माह के भीतर 10 हजार रुपये के स्थान पर 25 हजार रुपये तथा ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से पूरे वित्त वर्ष में एक लाख रुपये के स्थान पर अधिकतम ढाई लाख रुपये की सीमा तक रकम का उपयोग कर सकेंगे।
चार, निरश्रित निधि राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा होगी तथा इसका राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर  आडिट सामाजिक न्याय ही करेगा।
पांच, आश्रय स्थल पर किसी अंत:वासी की मृत्यु पर अब 2 हजार रुपये के स्थान पर पांच हजार रुपये अन्त्येष्टि हेतु दिये जायेंगे।
छह, सामाकजक न्याय मंत्री आपातकालीन सहायता के अंतर्गत नि:शक्तजनों, निपराश्रितों एवं वृध्द व्यक्तियों को संकट की स्थिति में उपचार एवं जीवन निर्वाह हेतु ई-भुगतान से 2 हजार रुपये के स्थान पर 5 हजार रुपये की सहायता दे सकेंगे।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने वचन-पत्र में निराश्रितों को सहायता का दायरा व्यापक करने का वायदा किया हुआ है और उसी के तहत यह दायरा बढ़ाया गया है।
प्रदेश में 30 जनवरी से प्रारंभ होगी कन्या विवाह योजना
भोपाल।राज्य के सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की इस साल शुरुआत आगामी 30 जनवरी को बसंत पंचमी से होगी।
इसके बाद नर्मदा जयंती पर 1 फरवरी को, अक्षय तृतीय को 26 अप्रैल को, वैशाखी पूर्णिमा पर 7 मई को, मंगा दशहरा पर 1 जून को, भडली नवमी पर 29 जून को, तुलसी विवाह-देवउठनी एकादशी पर 25 नवम्बर को, उत्पन्न एकादशी पर 11 दिसम्बर को तथा विवाह पंचमी पर 19 दिसम्बर को ये सामूहिक विवाह आयोजित होंगे।
निकाय योजना :
मुख्यमंत्री निकाह योजना की शुरुआत इस साल 5 जनवरी से हो चुकी है। आगे रविवार 9 फरवरी, शनिवार 11 अप्रैल,शनिवार 30 मई, सोमवार 29 जून, मंगलवार 14 जुलाई, सोमवार 12 अक्टूबर, सोमवार 9 नवम्बर तथा सोमवार 21 दिसम्बर को निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक निकाह होंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार उक्त दोनों योजनाओं में प्रत्येक दम्पत्ति को अपनी ओर से 51 हजार रुपये प्रदान करती है। हांलाकि पिछले वर्ष के विवाह/निकाहों में अब तक बहुत से दम्पत्तियों को यह 51 हजार रुपये की राशि नहीं मिल पाई है।
जबलपुर नगर निगम में अब 82 वार्ड हुये
राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना
भोपाल।जबलपुर नगर निगम में अब 82 वार्ड हो गये हैं। पहले इसके वार्डों की संख्या 79 थी। इस संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। वार्डों की संख्या में यह वृध्दि मप्र नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत की गई है।
डॉ. नवीन जोशी
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