ब्रेकिंग न्यूज़ जेटली मानहानि केस में केजरीवाल समेत 6 AAP नेताओं पर आरोप तय, चलेगा ट्रायल                जूनियर को फॉरेन सेक्रेटरी बनाए जाने से बासित नाराज, PAK ढूंढ रहा रिप्लेसमेंट                यूपी: सीतापुर में आग से जले 9 घर, 2 लाख का सामान जलकर हुआ खाक                    
प्रदेश की नई मत्स्य नीति बनाने केबिनेट सब कमेटी गठित



डॉ. नवीन जोशी
भोपाल।राज्य सरकार ने नई मछली पालन नीति बनाने, इस संबंध में समग्र रुप से योजना बनाने एवं निर्णय लेने हेतु मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्रिपरिषद उप समिति का गठन किया है। इस उप समिति के अध्यक्ष पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव बनाये गये हैं जबकि सदस्यों में संस्कृति मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ, नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल तथा कृषि मंत्री सचिन यादव बनाये गये हैं। प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण उप समिति के सह सचिव नियुक्त किये गये हैं। उप समिति में संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव स्थाई रुप से विशेष आमंत्रित होंगे।
यह कार्य करेगी उप समिति :
उक्त समिति तेरह बिन्दुओं पर कार्य करेगी। एक, मत्स्य पालन को मछुआरों के अधिकार के रुप में मान्य करने। दो, मत्स्य पालन का अधिकार केवल मछुआरों एवं आदिवासियों की सहकारी समितियों को देने। तीन, प्रदेश में मत्स्य कृषकों की समस्याओं एवं मत्स्योद्योग की संभावनाओं का आकलन। चार, प्रदेश में संभाग स्तर पर आवासीय प्रौद्योगिक मत्स्य प्रशिक्षण केन्द्रों की संभावनाओं पर सुझाव। पांच, प्रदेश में आवश्यक उच्च स्तरीय मत्स्य अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की संभावना पर आकलन। छह, प्रदेश में फिश पौण्ड हेल्थ कार्ड योजना लागू करने पर विचार। सात, प्रत्येक 10 ग्राम पंचायत के मध्य एक विभागीय अमला की उपलब्धता पर विचार। आठ, मत्स्य कृषकों की पूंजी लागत हेतु कृषि के समान शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण प्रदाय करने की संभावना का आकलन एवं सुझाव। नौ, मत्स्य विक्रय हेतु संभाग/जिला स्तर पर शासकीय एवं निजी क्षेत्र में मछुआरों द्वारा मछली मण्डी/मत्स्य बाजार का आकलन एवं सुझाव। दस, प्रदेश में नदियों के समीप रहने वाले मछुआरों की योजना बनाना। ग्यारह, अभी प्रदेश में केन्द्रांश मिलाकर 20-25 करोड़ रुपये का सालाना बजट है, वहीं पड़ौसी मत्स्य पालन राज्यों का बजट 400-500 करोड़ रुपये से अधिक है, इस बढ़ाये जाने पर विचार। बारह, प्रदेश को मत्स्यबीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना एवं वर्ष पर गुणवत्ता पूर्ण मत्स्यबीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विचार। तेरह, नवीन मत्स्य पालन नीति तैयार करने हेतु मछुआरों के एक कार्यकारी दल के साथ विभागीय अधिकारी, एक-दो जनप्रतिनिधि एवं मछुआरा परिवार के तीन-चार लोगों को सम्मिलित कर विभिन्न प्रदेशों का भ्रमण कराने पर विचार।
छिन्दवाड़ा कलेक्टर की जांच खत्म
अधिसमय वेतनमान में पदोन्नति दी
भोपाल।राज्य शासन ने छिन्दवाड़ा कलेक्टर डा. श्रीनिवास शर्मा की जांच क्लोज कर दी है और उन्हें अधिसमय वेतनमान रुपये 144200-218200 पे मेट्रिक्स-14 में 1 जनवरी 2019 से काल्पनिक पदोन्नति प्रदान की है। उन्हें चूंकि काल्पनिक पदोन्नति दी गई है इसलिये उन्हें 1 जनवरी 2019 से अब तक का वेतन एवं भत्तों का एरियर नहीं मिलेगा।
यह था मामला :
डा. श्रीनिवास शर्मा वर्ष 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जब वे दमोह जिले में कलेक्टर थे तब जिला पंचायत दमोह में संविदा पर कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी के रुप में कलेक्टर मासिक दर पर नियुक्त किया था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इन नियुक्तियों को अनियमित पाया तथा आरोप पत्र जारी कर दिया। इस पर डा. श्रीनिवास शर्मा ने जवाब दिया। पंचायत विभाग ने इस जवाब पर अपना अभिमत दिया। सामान्य प्रशासन विभाग ने 30 जनवरी 2020 को इस पर श्रीनिवास शर्मा को भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी देकर बिना कोई दण्ड दिये प्रकरण समाप्त कर दिया। प्रकरण समाप्त होने पर अब उन्हें काल्पनिक पदोन्नति प्रदान कर दी गई है।
डॉ. नवीन जोशी
   


Advertisment
 
Copyright © 2017-18 AAJ SAMACHAR - बुलंद आवाज़ दबंग अंदाज़.