नई दिल्ली। पोप फ्रांसिस ने शनिवार को कोरोनावायरस महामारी का अंत होने के बाद लोगों से दुनिया में “अधिक न्यायसंगत और समतापूर्ण समाज” के लिए और “गरीबी की महामारी” को खत्म करने के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
पेंटेकोस्ट दावत के मौके पर उन्होंने स्पेनिश में एक वीडियो संदेश में कहा, “एक बार जब हम इस महामारी से उभरेंगे, तो हम वह नहीं कर पाएंगे जो हम कर रहे थे। हम जैसा कर रहे थे, वैसा नहीं कर पाएंगे। सब कुछ अलग होगा।”
उन्होंने कहा, “मानवता के महान इम्तहानों में से इस महामारी से एक बेहतर या बदतर ढंग से उभर सकती है। आप पहले के समान ही नहीं उभर सकते हैं। मैं आपसे यह पूछता हूं कि आप इससे कैसे बाहर आना चाहते हैं? बेहतर या बदतर?”
पोप ने कहा कि लोगों को इस संकट से केंद्रीय सबक सीखने के लिए अपने दिमाग और दिल को खोलने की जरूरत है। हम एक मानवता हैं।
उन्होंने कहा, “हम इसे जानते हैं, हम इसे जानते थे, लेकिन यह महामारी जिससे हम गुजर रहे हैं, इसने हमें इसे और अधिक नाटकीय तरीके से अनुभव कराया है।”
पोप ने कहा कि अब विशेष रूप से सबसे गरीब लोगों के लिए एक नई वास्तविकता बनाने का कर्तव्य है, जिसे छोड़ दिया गया था।
उन्होंने कहा, “इन सभी दुखों का कोई फायदा नहीं होगा अगर हम एक साथ अधिक न्यायपूर्ण, अधिक समतापूर्ण और अधिक ईसाई समाज का निर्माण नहीं करेंगे, केवल नाम के लिये बल्कि वास्तविकता में।”
इसके साथ‑साथ उन्होंने “दुनिया में गरीबी की महामारी को समाप्त करने के लिए” कार्रवाई का आह्वान किया। हिस